मानकों को ताक पर रखकर जलजीवन योजना के तहत पीली ईंटों से निर्माण।
पारुल मौर्या/हरदोई : जिले के पिहानी ब्लाक की ग्राम पंचायत भीठी नेवादा में जल जीवन मिशन के तहत जो खड़ंजा पाइप डालने के लिए पहले जो नालियां खोदी गई थी जब पूरे गाँव मे पाइप पड़ने के बाद जब उसे बंद करने का काम चालू हुआ तो देख गया कि पहले गाँव में खड़ंजा ईंट लगी थी लेकिन अब वहां पे पीली ईंट लगवाई जा रही है खडंजा मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। खडंजा निर्माण में पीले ईट का प्रयोग किया जा रहा था। ईट को छिपाने के लिए उस पर तत्काल मिट्टी डाली जा रही थी।जिससे कि खडंजा निर्माण में प्रयुक्त हो रही दोयम दर्जे की ईटों पर पर्दा डाला जा सके।जब ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर पीले ईटों को प्रयोग करने से मना करने के साथ सम्बन्धित अधिकारी ने नीचे से लेकर ऊपर तक समझने के साथ खुद शिकायत कर्ता को समझदारी का पाठ पढाना शुरु कर दिया। इतना ही नहीं खडन्जा निर्माण के लिए लाये गये दोयम दर्जे की ईटों का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है।
क्या बोले ग्रामीण
ग्रामीण अनीश सिंह,वीरेश,मुन्ना,कमलेश,राजेश,रोहित,संजय,शारदा वक्स, मंगू,अवनीश,सुनील,समेत आदि ग्रामीणों ने बताया कि लगाए जा रहे खडंजे में दोयम दर्जे के ईट व ईट के टुकडों का प्रयोग किया जा रहा है। मानक की अनदेखी कर खड़ंजा लगाया जा रहा है। शिकायत के बाद भी अधिकारी चेतने को तैयार नहीं हैं।ग्रामीणों की मांग है कि खड़ंजा निर्माण में मानक अनुसार अच्छी किस्म की ईटों का प्रयोग किया जाए ग्रामीणों को शंका यह भी है कि पीली ईटों दोयम दर्जे की ईटों से खड़ंजा निर्माण कराकर अच्छी किस्म की ईटें दिखाकर उसका भुगतान न करा लिया जाय जबकि जलजीवन मिशन के कुछ कार्यकर्ता मौन बैठे है।
क्या कहते है जलजीवन के कार्यकर्ता विनय सिंह
जलजीवन मिशन के तहत कार्यकर्ता विनय सिंह का कहना है कि ये दूसरे किस्म की ईंट है ये खड़ंजे से भी मजबूत है और ये हमे कंपनी की तरफ से दी जा रही है इसलिए इसे हम लगवा रहे है।
